मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना

Submitted by sameer on मंगल, 04/14/2020 - 14:11
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मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना राज्य सरकार द्वारा वित्त-पोषित योजना है जिसके अंतर्गत रोजगार उन्मुखी राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप महिलाओंके लिएु कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालन करना है|

उद्देश्य

  • रोजगार अथवा स्‍वरोजगार प्राप्‍त करने के लिए महिलाओं को आवश्‍यक कौशल प्रदाय
  • गैर-परम्‍परागत क्षेत्रों में कौशल प्रदान कर महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करना।
  • महिलाओं की रोजगार अवसर में वृद्धि करना
  • प्रशिक्षण उपरांत पारिश्रमिक स्तर में वृध्दि हासिल करना।

लक्ष्य समूह

  1. औपचारिक शिक्षा प्रणाली को छोडी हुए महिलाऐं।
  2. ऐसे कामगार महिलाऐं जो अपने अनौपचारिक कौशल का प्रमाणीकरण चाहती हैं।
  3. ऐसे महिलाऐं जो अपना कौशल विकसित कर रोजगार/स्वरोजगार चाहती हैं।
  4. ऐसे महिलाऐं जो अपने कौशल को बढाना चाहती हैं।
  5. नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों की महिलाओं को आवासीय प्रशिक्षण।
पात्रता
  • 15 साल से अधिक उम्र की महिला।
  • एनएसक्यूएफ पाठ्यक्रमों के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रमों के तहत न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता ज़रूरी है।
  • आधार नंबर होना अनिवार्य है|
ज़रूरी दस्तावेज़
  1. आधार कार्ड
  2. आवास प्रमाण पत्र
  3. आय प्रमाण पत्र
  4. शैक्षणिक योग्यता का प्रमाण पत्र
  5. जाति प्रमाण पत्र (केवल आरक्षित वर्ग के युवाओं के लिए)
  6. दिव्यांगता प्रमाण पत्र (केवल दिव्यांग युवाओं के लिए)
पंजीकरण कैसे करें ?
  1. प्रवेश के लिये प्रत्येक पाठ्यक्रमके लिएु निर्धारित शैक्षणिक योग्यता के आधार पर मैरिट के अनुसार प्रशिक्षणार्थियों के ऑन-लाईन चयन की कार्यवाही की जायेगी।
  2. प्रशिक्षणार्थियों द्वारा पोर्टल पर पंजीकरण किया जायेगा। आधार संख्या का उपयोग केवल यह सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है कि एक उम्मीदवार इस योजना के दौरान एक से अधिक बार पंजीकरण नहीं करें। प्रशिक्षण प्रदाता उम्मीदवार के आधार पंजीकरण के लिए सहायता प्रदान करेगी।
प्रशिक्षण शुल्क जमा प्रशिक्षण कार्यक्रम नि:शुल्क है। सम्पूर्ण वित्तीय भार शासन द्वारा वहन किया जाएगा।
प्रशिक्षण अवधि प्रशिक्षण की अवधि सामान्यतः 15 दिन से लेकर 9 महीने (लगभग 100 से 1200 घंटे) तक होगी।
स.क्र. क्षेत्र लक्ष्य
1 परिधान, मेडअप और होम फर्निशिंग 40000
2 ऑटोमोटिव 5000
3 सौंदर्य और कल्याण 20000
4 पूंजीगत वस्तुएं 3000
5 निर्माण 500
6 घरेलू कार्य करने वाला 39000
7 इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर 5000
8 खाद्य प्रसंस्करण 25000
9 स्वास्थ्य देखभाल 5000
10 आईटी और आईटीईएस 30500
11 खुदरा (सेवा क्षेत्र) 5000
12 सुरक्षा 10000
13 पर्यटन और आतिथ्य 2000
14 बैंकिंग वित्तीय सेवाएँ और बीमा (BFSI) 10000

योजना का क्रियानवयन के लिए पात्र संस्थान

  1. सरकारी संस्था –
    • आईटीआई,
    • कौशल विकास केंद्र,
    • पॉलिटेक्निक,
    • इंजीनियरिंग कॉलेज,
    • कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज,
    • उच्च शिक्षा विभाग के महाविद्यालय, आदि
  2. अर्ध सरकारी संस्था –
    • प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाएं यथा क्रिस्प,
    • IGTR,
    • निफ्ट,
    • एटीडीसी,
    • भारत संचार निगम लिमिटेड, आदि
  3. निजी संस्थाएं -
    • सेक्टर स्किल काउंसिल से एफिलिऐटेट निजी प्रशिक्षण प्रदाता अनुभवी संस्थाएं

प्रशिक्षण के बाद रोजगार प्रदान करने का प्रावधान

  • कुल प्रशिक्षित में से कम से कम 70 % को वैतनिक अथवा स्वरोजगार उपलब्ध हो। वैतनिक रोजगार की स्थिति में प्रशिक्षणार्थी के उत्तीर्ण होने के उपरांत तीन महीने के अन्दर मध्यप्रदेश में अर्द्धकुशल मजदूर को मिलने वाली कम से कम मजदूरी के बराबर वेतन मिलना चाहिए।
  • स्वरोजगार के मामलो में व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाता को उद्यम के रजिस्ट्रेशन का प्रमाण पत्र, यदि किसी सरकारी योजना के तहत प्रकरण स्वीकृत हुआ है तो उसका स्वीकृति पत्र तथा अर्जित आय का प्रमाण पत्र के लिए बैंक खाते का विवरण जमा करना होगा।
  • सरकारी संस्थाओं के माध्यम से संचालित प्रशिक्षण के परिप्रेक्ष्य में प्रशिक्षणार्थियों के नियोजन का कार्य समग्र रूप से एमपीएसएसडीएम एवं रोजगार निर्माण बोर्ड द्वारा कराया जायेगा।
  • एमपीएसएसडीएम एवं रोजगार निर्माण बोर्ड द्वारा प्रशिक्षणार्थियों के प्लेसमेंट के बाद मॉनीटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी।
  • एनएसडीसी से सम्बद्ध व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाता द्वारा प्रशिक्षण के बाद प्रशिक्षित व्यक्तियों की तीन महीने तक निगरानी करेगा कि वे लाभदायक रोजगार से जुडे हुए है अथवा वे प्रतिष्ठान में अपना काम अच्छे ढंग से कर रहे है।
  • व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाता निर्धारित अंतराल पर व्यक्तियों की स्थिति व उनके वेतन/आय की जानकारी पोर्टल पर रखेगा।

स्वरोजगारके लिएु प्रोत्साहन का प्रावधान

स्वरोजगार के लिएु एमपीएसएसडीएम द्वारा उद्यमिता विकास सेल स्थापित किया गया है। स्वरोजगार के लिएु चयनित / इच्छुक प्रशिक्षनार्थियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जायेगा। एमपीएसएसडीएम द्वारा स्वरोजगार के लिएु विभिन्न आयामों के लिए DPR (परियोजना आवेदन रिपोर्ट) बना लिए गए हैं। प्रशिक्षण प्रदाता नियमित रूप से जिला स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में स्वरोजगार के लिएु योजनाओं के अंतर्गत आवेदन करेंगे।

प्रशिक्षण-उपरांत प्रमाणीकरण

प्रशिक्षण-उपरांत राष्ट्रीय मानकों के मुताबिक़ (NSQF alligned) प्रमाणीकरण का प्रावधान है। प्रमाणीकरण की ज़िम्मेदारी सम्बंधित सेक्टर स्किल काउंसिल का होगा। यह प्रमाण पत्र देश और विदेश में नौकरी करने के लिए मान्य होगा।

राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (एनएसक्यूएफ)

राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (एनएसक्यूएफ) ज्ञान, कौशल और योग्यता के स्तर के अनुसार योग्यता के स्तर को परिभाषित करता है। कौशल के इन स्तरों को परिणामों के रूप में परिभाषित किया जाता है, जो सीखने वाले के द्वारा औपचारिक, गैर-औपचारिक या अनौपचारिक सीखने के माध्यम से प्राप्त किए गए हों । एनएसक्यूएफ़ एक गुणवत्ता आश्वासन का ढांचा है। यह राष्ट्रीय स्तर पर एक एकीकृत शिक्षा और योग्यता आधारित कौशल ढांचा है जो कि व्यावसायिक शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण के बीच समन्वय प्रदान करेगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का भुगतान

यह सुनिश्चित किया जाएगा की कम से कम 70% प्रशिक्षणार्थियों को कम-से-कम तीन महीने तक सतत् रोजगार प्रदान किये जायेंगे अन्यथा प्रशिक्षण प्रदाता को चौथी किश्त का भुगतान ही नहीं किया जाएगा। प्रशिक्षण का सम्पूर्ण व्यय कॉमन कॉस्ट नॉर्मस के अनुसार संबंधित संस्थाओं को एमपीएसएसडीएम द्वारा किया जायेगा। यह भुगतान विभिन्न किश्तों में निम्न विवरण अनुसार किया जायेगा।

किश्त कुल लागत का % गैर सरकारी संस्थाओंके लिएु भुगतान किश्तों का विवरण
पहली 30 % प्रशिक्षण बैच प्रारंभ होने के पश्चात्
दूसरी 30 % कम से कम 70 % प्रशिक्षणार्थियों का न्यूनतम 70 % उपस्थिति के साथ प्रशिक्षण अवधि पूर्ण होने के उपरांत।
तीसरी 20 % परीक्षा में सम्मिलित में से कम से कम 70 % प्रशिक्षणार्थियों के प्रमाणीकरण के उपरांत।
चौथी 20 % प्रमाणीक्रत प्रशिक्षणार्थियों में से कम से कम 70 % प्रशिक्षणार्थियों को कम-से-कम तीन माह तक सतत् रोजगार प्रदान किये जाने के उपरांत
Person Type
Scheme Type

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